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Bhagavad Gita Chapter 15 in Hindi

Shrimad Bhagvat Geeta in English ~ श्रीमद् भगवदगीता in Hindi   सम्पूर्ण श्रीमद्‍भगवद्‍गीता ~ Bhagavad Gita Chapter 15 in Hindi अध्याय पंद्रहवाँ पुरुषोत्तमयोग   श्रीमद भागवत गीता (Bhagavad Gita Chapter 15 in Hindi) के अध्याय पंद्रहवाँ को पुरुषोत्तमयोग के नाम से जाना जाता है। भागवत गीता के पंद्रहवाँ अध्याय में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को संसाररूपी अश्वत्वृक्ष का स्वरूप […]

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Upanishad Information

उपनिषद शब्द का अर्थ | उपनिषद का रचनाकाल | मुख्य उपनिषद् कितने है | उपनिषदों का महत्व | Upanishad Information   उपनिषद (Upanishad Information) संस्कृत भाषा में लिखे गए वैदिक साहित्य यानि हमारे चार वेद के ही भाग है, और सनातन धर्म के अधिक महत्त्वपूर्ण श्रुति धर्मग्रन्थ हैं। उपनिषदों की कुल संख्या 108 हे, जो संस्कृत भाषा में गद्य – […]

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Mahakal Lok Ujjain Complete Information

महाकाल लोक का आकर्षण का केंद्र नंदी द्वार और पिनाकी द्वार, 200 बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं, 108 स्तंभ… महाकाल लोक के बारे में अधिक जानकारी   महाकाल लोक (Mahakal Lok Ujjain) मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में शिप्रा नदी के किनारे विश्व प्रसिद्ध महाकाल की उज्जैन नगरी में स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग है। महाकाल लोक का निर्माण […]

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चार वेद की संपूर्ण जानकारी और महत्व, संक्षिप्त परिचय / (introduction of Four Vedas)

सभी विद्वानों द्वारा एकमत से वेदो को इस संसार का प्राचीनतम ग्रंथ स्वीकार किया गया है। वेद शब्द का सामान्य अर्थ ज्ञान है। आचार्य सायण के अनुसार वेद वह शब्द- राशि है, जो अभीष्ट प्राप्ति और अनिष्ट को दूर रखने का अलौकिक..

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Bhagavad Gita Chapter 14 in Hindi

श्रीमद भागवत गीता के अध्याय चौदह को गुणत्रयविभागयोग के नाम से जाना जाता है। भागवत गीता के चौदह अध्याय में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को ज्ञान की महिमा और प्रकृति-पुरुष से जगत्‌ की उत्पत्ति…

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Mahakavya – महाकाव्य

महाकाव्य सभी प्राचीन देश की सभ्यता और संस्कृति को प्रगट करने का माध्यम रहा है। महाकाव्य की रचना भारत में संस्कृत, हिंदी और अन्य कई भाषा में हुई है। महाकाव्यों में महर्षि वाल्मीकि रचित रामायण,…

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Navaratri – नवरात्रि

नवरात्रि जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’ देवी दुर्गा के नौ अवतारों की विशेष पूजा करने की विशेष रात्रि को नवरात्री कहते है। नवरात्रि का त्यौहार साल में दो बार आता है। पहली नवरात्री विक्रम संवत के चैत्र मास के शुक्ल…

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Satyanarayan Katha

श्री सत्यनारायण कथा करने का शुभ दिन पूर्णिमा, अमावस्या, रविवार, गुरुवार, संक्रांति के दिन एवं अन्य पर्व-त्यौहारों पर करने का शास्त्रोंक्त विधान मिलता है। सत्यनारायण कथा का प्रारंभ करने से पहले विशेष…

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Shravan Maas Me Shiv Ke Priy Bilva Patra

पुराणों के अनुसार भगवान शिवजी की पूजा में अभिषेक और बिल्वपत्र का अधिक महत्व है। शिव पुराण के अनुसार भगवन शिवजी को बिल्व पत्र अति प्रिय है। एक बिल्व पत्र भगवन शिव (शिवलिंग ) पर चढान…

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Bhagwat Geeta Chapter 13 Hindi

श्रीमद भागवत गीता के अध्याय तेरह को क्षेत्र-क्षेत्रज्ञविभागयोग के नाम से जाना जाता है। भागवत गीता के तेरह अध्याय में अर्जुन ने भगावन श्री कृष्ण को कहते हे की में क्षेत्र एवं क्षेत्रज्ञ और ज्ञान एवं ज्ञान…

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Gayatri Mantra Hindi [3 Minute]

गायत्री मंत्र चारो वेदो का सबसे अधिक महत्त्व रखने वाला मंत्र है, यह ॐ के लगभग बराबर माना जाता है। गायत्री मंत्र यजुर्वेद के श्लोक ‘ॐ भूर्भुवः स्वः’ और ऋग्वेद के छन्द 3.62.10 के मेल से बना हुआ है।…

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Bhagwat Geeta Chapter 12 Hindi

श्रीमद भागवत गीता के अध्याय बारह को भक्तियोग के नाम से जाना जाता है। श्रीमद्‍भगवद्‍गीता के बारह अध्याय में भगवान श्री कृष्ण ने साकार और निराकार के उपासकों की उत्तमता का निर्णय का वर्णन किया है।…

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